स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर सुधा ओपन स्कूल, आमासिवनी में सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस प्रेरणादायी वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका का बोध कराना और विवेकानंद जी के विचारों से प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि युवा उद्यमी श्रीमती प्रेरना उदय अंशुमन एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. प्राची उपाध्याय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद जी ने युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का मंत्र दिया, जो वर्तमान समय में और भी प्रासंगिक हो गया है।
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वालों में—
मिस संध्या यादव (कला एवं शिल्प),
मिस इशिका बघेल (शिक्षा),
मिस ईशा यादव (शिक्षा)
शामिल रहीं। अतिथियों ने विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के चेयरमैन श्री जी.के. भटनागर ने किया। विद्यार्थियों द्वारा स्वामी विवेकानंद की तस्वीरों और उनके प्रसिद्ध विचार— “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो”— का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं, जिनकी अतिथियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती भारती एवं मिस खुशी यादव का विशेष योगदान रहा। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों को पौधे भेंट किए गए। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय युवा दिवस हर वर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर मनाया जाता है। विवेकानंद जी ने भारतीय युवाओं को आत्मबल, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाया। उनका मानना था कि सशक्त और चरित्रवान युवा ही सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।
(रायपुर ब्यूरो)


