सुधा सोसाइटी फाउंडेशन द्वारा जालाराम अपार्टमेंट, आमासिवनी, रायपुर में 20 फरवरी को “विश्व सामाजिक न्याय दिवस” उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री ज्ञानेंद्र मोहन खरे (वरिष्ठ अधिकारी, निजी कंपनी), सामाजिक कार्यकर्ता मिसेज स्निग्धा खरे, मिसेज सुनीता चौधरी, अनिता जैन, मिसेज दीपाली बाजपेई एवं युवा उद्यमी मिसेज प्रेरणा ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की।
कार्यक्रम का संचालन चेयरमैन श्री जी.के. भटनागर ने किया। प्रारंभ में चेयरमैन श्री गोपाल कृष्ण भटनागर ने अतिथियों का स्वागत किया तथा बच्चों द्वारा अतिथियों को पॉटेड प्लांट भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि विश्व सामाजिक न्याय दिवस प्रतिवर्ष 20 फरवरी को सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक बहिष्कार जैसी समस्याओं के प्रति जागरूकता फैलाना तथा एक न्यायपूर्ण एवं समृद्ध समाज के निर्माण हेतु सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

सुधा ओपन स्कूल, आमासिवनी, रायपुर के बच्चों ने बाल श्रम और शिक्षा के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। बच्चों ने बाल श्रम उन्मूलन और समान अधिकारों से संबंधित नारे लिखकर पोस्टर एवं प्लेकार्ड्स के माध्यम से संदेश दिया।
बाल श्रम और सामाजिक न्याय पर विशेष संदेश
बाल श्रम किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। यह बच्चों से उनका बचपन, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य छीन लेता है। सामाजिक न्याय का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा जब प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर प्राप्त हों। न्यायपूर्ण समाज वही है, जहाँ किसी भी बच्चे को मजबूरी में श्रम न करना पड़े, बल्कि वह विद्यालय जाकर अपने सपनों को साकार कर सके।
डॉ. एम.जी. नायडू ने स्वेच्छा से बच्चों को प्रोत्साहित करने हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नारे लेखन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को उपहार प्रायोजित किए। स्वयंसेवक मिसेज भारती मारावी और मिस खुशी यादव ने सक्रिय सहयोग दिया, जिन्हें उपहार देकर सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ, तत्पश्चात सभी बच्चों को जलपान कराया गया। अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए संस्था के सामाजिक उत्थान के प्रयासों की प्रशंसा की। अंत में श्री जी.के. भटनागर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
( रायपुर ब्यूरो)

