महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के तहत रायपुर के सफायर ग्रीन स्थित पूर्णिमा ब्यूटी स्टूडियो में छत्तीसगढ़ पुलिस में नव चयनित महिला आरक्षक कामिनी शिव का सम्मान किया गया। वर्तमान में नगर सैनिक के पद पर कार्यरत एवं माना, रायपुर में प्रशिक्षणरत कामिनी शिव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है।

एक छोटे से ग्राम की बेटी कामिनी शिव ने बताया कि उन्होंने बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त की है। नगर सैनिक के पद पर रहते हुए उन्होंने पुलिस एवं वन विभाग की परीक्षाएँ दीं, जिनमें पुलिस विभाग में उनका चयन हुआ है जबकि 1 विभाग का रिजल्ट आना बाकी है।। निजी कंपनी में कार्यरत पिता और घरेलू परिचारिका व स्वास्थ्य कार्यकर्ता दादी सुशीला शिव से मिली निरंतर प्रेरणा ने उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति दी। गौरतलब है कि कामिनी की प्रेरणा स्रोत दादी सुशीला ने उम्र को पीछे छोड़कर न सिर्फ छत्तीसगढ़ ओलंपिक में भाग लिया था बल्कि। मेडल भी प्राप्त किया था। कामिनी का सपना भविष्य में भारतीय सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करना है।
कार्यक्रम में पूर्णिमा ब्यूटी स्टूडियो की संचालिका पूर्णिमा खरे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही महिला सशक्तिकरण की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने बताया कि स्वयं उन्होंने भी सीमित संसाधनों से शुरुआत कर मेहनत, कौशल और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति के बल पर आज अपना व्यवसाय स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सौंदर्य और व्यक्तित्व निखारने के लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है, उसी प्रकार जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, आत्मविश्वास और शिक्षा अनिवार्य है।

पूर्णिमा खरे ने कामिनी शिव को बधाई देते हुए कहा कि आज वह न केवल अपने परिवार बल्कि अपने गाँव की सैकड़ों बेटियों के लिए जीवंत उदाहरण बन चुकी हैं, जो यह संदेश देती हैं कि बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सुधार एवं जनसमस्या परिषद, के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष श्री राजीव खरे ने कामिनी शिव को बधाई देते हुए कहा कि -“कामिनी जैसी बेटियाँ यह सिद्ध करती हैं कि मजबूत संकल्प, पारिवारिक सहयोग और शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। उनकी सफलता समाज की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है।”
कार्यक्रम में पूर्णिमा ब्यूटी स्टूडियो के स्टाफ सदस्य उपस्थित थे तथा कार्यक्रम का संचालन स्टूडियो की मैनेजर सानिया एवं ट्रेनी एल.सी. ने किया। कामिनी के पुलिस आरक्षक बनने से उनके परिवार और गाँव में हर्ष और गर्व का वातावरण है तथा अनेक बालिकाएँ अब अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं।

(रायपुर ब्यूरो)

