जिले के तोरवा और सिरगिट्टी क्षेत्र के मानिकपुर, धुमा और सिलपहरी गांव के लोग सोमवार को सड़क पर उतर आए। 18 साल से जर्जर सड़कों पर चलने को मजबूर इन ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया और उन्होंने सुबह नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।
सुबह से जाम, घंटों फंसे रहे वाहन
सुबह लगभग सात बजे ग्रामीण बड़ी संख्या में ढेका मोड़ के पास इकट्ठा हुए और हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्री बसें, ट्रक और निजी वाहन कई घंटे तक जाम में फंसे रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि पिछले 18 वर्षों से वे लगातार सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ से लबालब रहती है और गर्मी में धूल से लोग परेशान हो जाते हैं। बच्चों का स्कूल जाना, मरीजों को अस्पताल ले जाना और खेतों से मंडी तक माल पहुँचाना सब कुछ मुश्किल हो चुका है।
प्रशासन हरकत में
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि जल्द ही सड़क सुधार का काम शुरू होगा। दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने जाम खत्म किया और हाईवे यातायात बहाल हुआ।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर अब भी सड़क निर्माण की प्रक्रिया तुरंत शुरू नहीं की गई तो वे और उग्र आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि वे टैक्स देते हैं, वोट देते हैं, लेकिन बदले में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल रही है।
प्रशासन का बयान
अधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं और सड़क मरम्मत कार्य जल्द ही प्रारंभ किया जाएगा। सर्वे और बजट का काम अंतिम चरण में है।
( राजीव खरे ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़)

