
उफनती नदी पार कर 102 महतारी एक्सप्रेस ने बचाई जच्चा-बच्चा की जान
बस्तर
छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले में एक बार फिर इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल देखने को मिली, जब 102 महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती नदी पार कर गर्भवती महिला तक पहुँचकर उसकी और नवजात की जान बचाई।
मामला बास्तानार ब्लॉक के बड़े बोदेनार गाँव का है। रविवार सुबह लगभग 10 बजे गाँव की लच्छो नामक गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 102 महतारी एक्सप्रेस को कॉल किया। सूचना मिलते ही एंबुलेंस चालक उमेश वेट्टी बास्तानार से रवाना हुए, लेकिन रास्ते में तेज बहाव वाली एक नदी ने राह रोक ली।
हालत की गंभीरता देखते हुए उमेश वेट्टी ने बिना देर किए नदी पार करने का फैसला लिया। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उन्होंने डोली तैयार कर महिला को सुरक्षित नदी के पार लाया और एंबुलेंस तक पहुँचाया। इसके बाद 25 किलोमीटर की दूरी तय कर महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़े किलेपाल पहुँचाया गया।
समय पर उपचार मिलने से लच्छो ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। यह ख़बर सुनते ही परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू आ गए और उन्होंने महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों का आभार जताया।
महापौर संजय पांडे ने घटना की सराहना करते हुए कहा, “यह केवल एक ड्यूटी नहीं, बल्कि जीवन बचाने का जुनून है। चालक ने जिस सूझबूझ और साहस का परिचय दिया, वह बस्तर की बदलती तस्वीर का उदाहरण है।”
गाँव के लोग अब भी इस घटना का वीडियो और किस्सा साझा कर रहे हैं, जिसमें दिखता है कि कैसे मुश्किल हालात में भी कर्तव्य निभाया जा सकता है।
( राजीव खरे- ब्यूरो चीफ छत्तीसगढ़)
